चौधरी चरण सिंह अभिलेखागार

जनता पार्टी की स्थापना में सहयोग, और चुनावों में उत्तर भारत में कांग्रेस को हराने के लिए प्रमुख चुनावी रणनीतिकार रहे। केंद्रीय गृह मंत्री बने।

१९७७

इंदिरा गांधी ने २८ मार्च को एक महीने में चुनावों की घोषणा कर दी और आपातकाल का लौह-आवरण इस उम्मीद के साथ उठा लिया की विपक्ष आपस में झगड़ना जारी रखेगा और चुनाव में उतरने को तैयार नहीं होगा। उन्होंने गलत आंकलन किया- विरोधी दलों ने उन्हें एवं खुद को आश्चर्य में डाल दिया और जनता पार्टी का गठन किया।

चरण सिंह ने १९७७ के आम चुनावों में कांग्रेस की हार का प्रमुख चुनावी आधार प्रदान कर दिया था, जनता पार्टी में ही बी.एल.डी. घटक से ही सौ सांसद आ गए (अन्य घटक थे भारतीय जनसंघ, कांग्रेस (ओ) और केंद्रीय सी.एफ.डी.) ७५ वर्ष की आयु में सांसद चुने गए तथा केन्द्रीय गृह मंत्री बने और २४ मार्च १९७७ से १ जुलाई १९७८ तक इस पद पर बने रहे। वह अक्सर कहा करते थे कि किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव के लिहाज से वह १० वर्ष से भी अधिक विलम्ब से संसद में पहुंचे हैं।